Guru Vani

गुरुवाणी संतो की वाणी ही उनका समाज को दिया गया सबसे अनमोल उपहार माना गया है। महापुरुष यद्यपि देहमर्यादा से बंधे हों परंतु उनकी वाणी अजरामर होकर अनंत काल के लिए भक्तों के जीवनपथ को निरंतर प्रकाशित करती रहती है। सकलमत संप्रदाय का साहित्य अमृत के बादलों जैसा है। घनघोर...